Wednesday, September 2, 2009

यादें

सभांल कर रख ले इन लम्हों को
यह लम्हें यादें बन जाएगें
,याद करना मुस्कराकर इन पलों को ऐ दोस्त
जब हम न जाने कहां होंगे ,तुम न जाने कहां होगे
-एक हल्की सी मुस्कान आपके होंठो पे ज़रूर आयेगी,
ये वो यादें हैं जो थोड़ा आपको तड़पायेगी
,आप माने या न माने पर दावा है मेरा
यह यादें आपको फिर तरसायेंगी
और तुम फिर इक बार इस उम्र को याद करके
ख़ुद को ताज़ा महसूस करोगे
,इसीलिये कहती हूँ संभाल कर रख लो इन लम्हों को
--यह लम्हे मधुर यादें बन जायेंगे ............

2 Comments:

At September 2, 2009 10:57 PM , Blogger Apoorv said...

खूबसूरत सलाह के लिये शुक्रिया!

 
At September 2, 2009 11:27 PM , Blogger vikram7 said...

सभांल कर रख ले इन लम्हों को
यह लम्हें यादें बन जाएगें
वाह बहुत खूब

 

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